“क्या मनुष्य एक यंत्र है?” – ओशो
हम साधारणतः यंत्र की भांति जीते हैं, मशीनों की भांति। लेकिन हमको यह भ्रम होता है कि हम मनुष्य हैं और हम स्वतंत्र है। साधारणतः मनुष्य एक यंत्र की भांति जीता है। लेकिन वह सोचता है कि मैं ...
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हम साधारणतः यंत्र की भांति जीते हैं, मशीनों की भांति। लेकिन हमको यह भ्रम होता है कि हम मनुष्य हैं और हम स्वतंत्र है। साधारणतः मनुष्य एक यंत्र की भांति जीता है। लेकिन वह सोचता है कि मैं ...
Continue readingविचार के सम्यक निरीक्षण से विचार-शून्यता घटित होती है। इस आंतरिक साधना का मूल तत्व सम्यक निरीक्षण है, राइट आब्जर्वेशन है। इन तीनों चरणों में--शरीर पर, विचार पर और भाव पर--सम्यक स्मरण और सम्यक निरीक्षण, देखना। विचार की जो धाराएं हमारे ...
Continue readingशरीर के साथ हमारा तादात्म्य है, एक आइडेंटिटी है। हमें ऐसा प्रतीत नहीं होता कि हमारा शरीर है। किसी तल पर हमें प्रतीत होता रहता है, मैं शरीर हूं। मैं शरीर हूं, यह भाव विलीन हो जाए, तो शरीर-शून्यता घटित ...
Continue readingइसलिए मैत्री का और प्रेम का हमारे भीतर जो बिंदु है, उसे विकसित करना होगा, सारी प्रकृति के खिलाफ विकसित करना होगा, क्योंकि प्रकृति उसे विकसित होने का मौका नहीं देती है। जो आप जीवन पाते हैं, वह उसे मौका ...
Continue readingशरीर के लिए थोड़ा-सा व्यायाम अत्यंत आवश्यक है। क्योंकि शरीर जिन तत्वों से मिलकर बना है, वे तत्व व्यायाम के समय में विस्तार पाते हैं। व्यायाम का मतलब, विस्तार। संकोच के विपरीत है व्यायाम शब्द। व्यायाम का अर्थ है विस्तार। ...
Continue readingजिसको हम अपने मुल्क में आहार (भोजन) कहते हैं, वह शरीर-शुद्धि में उपयोगी है। आपका शरीर तो बिलकुल भौतिक संस्थान है। उसमें आप जो डालते हैं, उसके परिणाम होने स्वाभाविक हैं। अगर मैं शराब पी लूंगा, तो मेरे शरीर के ...
Continue readingप्रगाढ़ संकल्प का यह अर्थ है, हमारा जो मन है, उसका एक बहुत छोटा-सा हिस्सा, जिसको हम चेतन मन कहते हैं, उसी में सब विचार चलते रहते हैं। उससे बहुत ज्यादा गहराइयों में हमारा नौ हिस्सा मन और है। अगर ...
Continue readingपहली बात, अगर बूढ़ा होना है तो मौत पर ध्यान रखना, जीवन पर नहीं। और अगर जवान होना है तो मौत को लात मार देना। वह जब आयेगी, तब मुकाबला कर लेंगे। जब तक जीते हैं, तब तक पूरी तरह से ...
Continue readingएक विचारक भारत आया था, काउंट केसरले। लौटकर उसने एक किताब लिखी है। उस किताब को मैं पढ़ता तो मुझे बहुत हैरानी होने लगी। उसने एक वाक्य लिखा है, जो मेरी समझ के बाहर हो गया, क्योंकि वाक्य कुछ मालूम ...
Continue readingयुवकों के लिए कुछ भी बोलने के पहले यह ठीक से समझ लेना जरूरी है कि युवक का अर्थ क्या है? युवक का कोई भी संबंध शरीर की अवस्था से नहीं है। उम्र से युवा है। उम्र का कोई भी संबंध ...
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