मरने के बाद आत्मा कहाँ जाती है? क्या मृत्यु के बाद आत्मा मनुष्य योनि में जाती है या किसी जीव-जन्तु की योनि में जा सकती है?

Question

प्रश्न – मरने के बाद इंसान की आत्मा इन्सान के ही शरीर में जाएगी या किसी जीव-जन्तु की योनि में जा सकती है?

Answer ( 1 )

  1. इस पर निर्भर करता है कि मरते समय आपके मन में क्या आकांक्षा और इच्छा है। हमारी आकांक्षा ही आगे चलकर हमें नया रूप और नया आकार देती है। एक न एक दिन वह साकार हो जाती है। सामान्यतः तो इच्छाएं ऐसी होती हैं जो मनुष्य योनी ही पूरी हो सकती हैं। अब किसी को बहुत धन कमाना है, फैक्टरी लगाना है तो भैंस होकर तो यह नहीं हो पाएगा। तो हमारी वासना क्या है, उस पर निर्भर करेगा कि अगला जन्म कैसा होगा। तो कहा जा सकता है कि हजार में से 999 तो मनुष्य योनि में ही जाएगा परन्तु अपवाद हो सकता है। एकाध कोई ऐसा हो सकता है जिसे लगे कि यह भी कोई जिन्दगी थी। क्यों जीएं?

    अभी किसी ने पूछा था न कि ध्यान क्यों करें? कुछ लोग पूछते है- क्यों जीएं? ठीक है, मर जाओ। कुछ पूछते हैं- क्यों सांस लें? निश्चित रूप से ऐसे लोग जो जीवन से ऊब गए, विपादग्रस्त हो गए, सोचते हैं कि पंछी होते तो अच्छा था, मुक्त आकाश में होते। कहां फंस गए। ऐसे लोग मर कर पंछी बन जाएंगे। किसी को लग सकता है कि इससे तो जानवर ही अच्छे थे। न नौकरी करनी पड़ती थी, न बॅास की चमचागिरी करनी पड़ती थी, न लेने-देने का झंझट, न मां बाप की जिम्मेदारी। अब संभवतः यह आदमी मर कर जानवर हो जाएगा। जो आदमी पशुओं की भांति जीया, झगड़ा झंझट किया, अक्रूरता, कठोरता में जिन्दगी गयी। हो सकता है अगले जन्म में यह आदमी खूंखार जानवर हो जाएं क्योंकि इस जन्म में भी इसकी वासना तो यही थी खूंखार होने की। मनुष्य रहकर तो खूंखार हो न पा रहा था। कमजोर दांत, कमजोर नाखून। तो सिंह होकर उसकी वासना पूरी हो सकती है। मजबूत दांत, मजबूत पंजा। कई लोग अपने नाम के आगे सिंह लगाते हैं, वह शायद इसी इच्छा के कारण। लोग लायन्स क्लब के मैम्बर बन जाते हैं और लायन कहलाने लगते हैं। परमात्मा ने तुम्हें इन्सान बनाया था तुम लायन बनना चाहते हो। हद हो गयी। अंतिम क्षण में हमारी क्या वासना है उसी के अनुसार हमारा अगला जन्म होता है। तो सामान्यतः नियम तो यही है कि मनुष्यों की वासना मनुष्य जन्म ही मिलता है। लेकिन कभी-कभार अपवाद भी होते हैं।

    ~ स्वामी शैलेंद्र सरस्वती

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