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Exploring Inner Peace and Transformation through
Insights from Osho’s Teachings and his philosophies.

कार्यक्रम रेजिस्ट्रेशन हेतु आवश्यक निर्देश ~ Instructions for Program Registration.

1. प्रतिदिन एक सत्र होगा-सुबह 7.00 बजे से 9.00 बजे तक। लाइव सेशन की रिकॉर्डिंग रोजाना दोपहर 12.30 बजे और शाम 6.30 बजे दिखाई जाएगी। 2. यदि आपकी बुकिंग पंजीकरण के अंतिम दिन रात 10 बजे के बाद प्राप्त होती है ...

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“क्या मनुष्य एक यंत्र है?” – ओशो

हम साधारणतः यंत्र की भांति जीते हैं, मशीनों की भांति। लेकिन हमको यह भ्रम होता है कि हम मनुष्य हैं और हम स्वतंत्र है। साधारणतः मनुष्य एक यंत्र की भांति जीता है। लेकिन वह सोचता है कि मैं ...

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“कैसे जाने की हम विचारों से अलग है?” – ओशो

विचार के सम्यक निरीक्षण से विचार-शून्यता घटित होती है। इस आंतरिक साधना का मूल तत्व सम्यक निरीक्षण है, राइट आब्जर्वेशन है। इन तीनों चरणों में--शरीर पर, विचार पर और भाव पर--सम्यक स्मरण और सम्यक निरीक्षण, देखना। विचार की जो धाराएं हमारे ...

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“जानिए शरीर से तादात्म्य/आइडेंटिटी तोड़ने के 2 प्रयोग ! (Disidentification)” – ओशो

शरीर के साथ हमारा तादात्म्य है, एक आइडेंटिटी है। हमें ऐसा प्रतीत नहीं होता कि हमारा शरीर है। किसी तल पर हमें प्रतीत होता रहता है, मैं शरीर हूं। मैं शरीर हूं, यह भाव विलीन हो जाए, तो शरीर-शून्यता घटित ...

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मैत्री और प्रेम को कैसे विकसित करें? – ओशो

इसलिए मैत्री का और प्रेम का हमारे भीतर जो बिंदु है, उसे विकसित करना होगा, सारी प्रकृति के खिलाफ विकसित करना होगा, क्योंकि प्रकृति उसे विकसित होने का मौका नहीं देती है। जो आप जीवन पाते हैं, वह उसे मौका ...

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